जम्मू-कश्मीर के राजौरी में पाकिस्तानी गोलीबारी में शहीद हुए हिमाचल के सूबेदार मेजर पवन कुमार को रविवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। कांगड़ा जिले के सिहालपुरी गांव में उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया, जहां बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
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दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, तो लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम यात्रा में सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए और “भारत माता की जय” व “पवन कुमार अमर रहें” के नारों से आसमान गूंज उठा। कई युवा हाथों में तिरंगा और बैनर लेकर देशभक्ति के जोश से लबरेज नजर आए।
शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया, कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार, कांगड़ा-चंबा से सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, स्थानीय विधायक केवल सिंह पठानिया और अनेक सरकारी अधिकारी भी पहुंचे।
बताया गया कि शुक्रवार देर रात राजौरी में पाकिस्तान की ओर से भारी गोलीबारी हो रही थी। इस दौरान सूबेदार मेजर पवन कुमार ने अपने साथी जवानों के साथ मोर्चा संभाला और मुंहतोड़ जवाब दिया। संघर्ष के दौरान वे गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन जान नहीं बचाई जा सकी।
पवन कुमार 25 पंजाब रेजिमेंट में तैनात थे और मात्र दो महीने बाद रिटायर होने वाले थे। वे अपने पीछे पत्नी, एक बेटा, एक बेटी और माता-पिता को छोड़ गए हैं। उनके पिता गरज सिंह भी सेना से हवलदार पद से सेवानिवृत्त हैं।









