मंडी : हिमाचल प्रदेश में प्री-प्राइमरी शिक्षकों की आउटसोर्स आधार पर हो रही एनटीटी भर्ती को लेकर भारतीय जनता मजदूर संघ ने नाराजगी जताई है। संघ की मांग है कि इस भर्ती प्रक्रिया में एक वर्षीय एनटीटी डिप्लोमा धारकों को भी शामिल किया जाए। इस संबंध में संघ ने मंडी उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को ज्ञापन भेजा है।
मजदूर संघ प्रदेश महामंत्री वीर सिंह ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में 6297 प्री-प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती की जा रही है, लेकिन इसमें केवल दो वर्षीय डिप्लोमा धारकों को ही पात्र माना जा रहा है।
यह निर्णय उन हजारों, एक वर्षीय डिप्लोमा धारकों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने इस भर्ती से संबंधित अधिसूचना पहले ही जारी कर दी थी, लेकिन आचार संहिता लगने के कारण भर्ती नहीं हो पाई थी।
वीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में करीब 15 से 20 हजार महिलाएं एक वर्षीय एनटीटी डिप्लोमा धारक हैं और उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने प्रदेश सरकार से यह भी पूछा कि जब वर्षों तक एक वर्षीय डिप्लोमा मान्य था, तो अब अचानक केवल दो वर्षीय डिप्लोमा को ही क्यों पात्रता दी जा रही है?
संघ ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया में जमा दो में 50 प्रतिशत अंकों की अनिवार्यता और आयु सीमा की शर्त को भी हटाया जाए। साथ ही यह चेतावनी भी दी कि अगर सरकार ने इन मांगों को नहीं माना तो प्रदेशभर की महिलाएं आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगी।










