हर 26 मिनट में एक इंसान…हर एक घंटे में 2 लोग…दिल्ली से गायब हो रहे है. जमीन खा रही है या आसमान निगल रहा है…किसी को कुछ पता नहीं…ये कोई सुनी-सुनाई बात नहीं है, बल्कि दिल्ली पुलिस का रिकॉर्ड बता रहा है कि साल 2026 शुरू होते ही 15 दिनों में 800 से ज्यादा लोग गायब हो गए हैं..जिनमें लड़कियां और महिलाएं सबसे ज्यादा है. दिल्ली पुलिस ने जैसे ही ये सनसनीखेज खुलासा किया…तो इस खबर ने इंटरनेट को हिला कर रख दिया…दिल्ली में रहने वाला हर शख्स हैरान और परेशान है कि आखिर ये क्या हो रहा है…क्यों दिल्ली लापतागंज बनती जा रही है…कौन, कैसे और कब दिल्ली से लोगों को गायब कर रहा है…लापता लोगों की लिस्ट सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि दिल्ली के लॉ एंड ऑर्डर और महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल है…
सोचिए आपका कोई अपना घर से बाहर जाए तो आपको तब तक चैन नहीं मिलता जब तक के वो घर लौट ना आए…तो उन लापता लोगों के परिवारों का क्या हुआ होगा…जिनका इंतजार आज तक खत्म ही नहीं हुआ है…जिस मां के बेटे ने घर की दहलीज लांघने के बाद वापिस चौखट पर कदम ही नहीं रखा…वो बहन-बेटी और पत्नी जो दिल्ली की अंधेरी गलियों में कहीं खो गई…वो छोटे-छोटे बच्चे जो घरों से बाहर खेलने निकले थे…कोई स्कूल से लौट रहा था…लेकिन अफसोस कि वो मासूम बच्चे भी गुमशुदा की तलाश बनकर दीवारों पर छप गए…ये सब एक कहानी नहीं, बल्कि उस शहर की हकीकत है, जिसे लोग उम्मीदों का शहर कहते हैं, लेकिन उसी शहर ने ना जाने कितने परिवारों की उम्मीदें तोड़ दी हैं…पुलिस रिकॉर्ड बताता है कि 15 दिन में 807 लापता लोगों में 509 महिलाएं और लड़कियां शामिल हैं, यानी करीब दो तिहाई मामले महिलाओं से जुड़े हैं. हालात इतने गंभीर है कि तकरीबन हर दिन 54 लोग और लगभग हर घंटे में दो लोग राजधानी से गायब हो रहे हैं. वहीं अब तक सिर्फ 235 लोगों का ही पता चल पाया है, जबकि 572 लोग ऐसे हैं, जिनका कोई सुराग नहीं मिला है. इसके अलावा इन आंकड़ों में नाबालिगों की संख्या भी डराने वाली है |
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 807 लापता लोगों में 191 नाबालिग शामिल है. इनमें 146 लड़कियां और 45 लड़के हैं. हैरानी की बात ये है कि करीब 71 फीसदी मामलों में अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है. वहीं 8 से 12 साल तक के 13 बच्चे और 8 साल से कम उम्र के 9 बच्चे भी इन 15 दिनों में लापता हुए हैं…
हालांकि, पिछले 10 सालों में दिल्ली से गायब हुए लोगों का आंकड़ा भी बेहद खतरनाक है…इन 10 सालों में राजधानी से ढाई लाख से ज्यादा लोग गायब हो गए और खौफनाक सच ये है कि इनमें से 52 हजार लोग कभी मिले ही नहीं…तब भी महिलाओं और लड़कियों की संख्या ज्यादा थी…NCRB के आंकड़े कहते हैं कि भारत में जितने भी बच्चे लापता होते हैं उनमें हर 10 में से एक बच्चा दिल्ली से गायब होता है…जरा सोचिए एक तरफ पूरा देश और एक तरफ छोटी सी दिल्ली…ये आंकडे चीख-चीख कर कह रहे हैं कि दिल्ली अब किडनैपिंग कैपिटल बनती जा रही है…
और अब लापता लोगों के नए खुलासे ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है. यूजर्स का दिल्ली सरकार और पुलिस पर गुस्सा फूटा है. भड़के यूजर्स का कहना है कि जब इतने लोग गायब हो रहे हैं तो दिल्ली पुलिस क्या कर रही है…लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर लोग कैसे लापता हो रहे हैं. दरअसल इसके पीछे पुलिस और सोशल एक्टिविस्ट कईं वजह मान रहे हैं..
पैसे की तंगी, अनएम्प्लॉयमेंट, अकेलापन, डिप्रेशन, पारिवारिक क्लेश और मानव तस्करी इसकी बड़ी वजह बताई जा रही है. वहीं एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, लापता महिलाओं में 20 से 25 प्रतिशत मानव तस्करी का शिकार होती है. इसके अलावा पलायन और इंटरनेशनल ट्रैफिकिंग नेटवर्क भी दिल्ली को गुमशुदगी का बड़ा केंद्र बना रहे हैं. अगर आप भी दिल्ली में रहते हैं या आपका कोई अपना दिल्ली में रहता है तो ये जानकारी उस तक जरूर पहुंचाएं. क्योंकि दिल्ली की भीड़ में सपनों के पीछे भागते-भागते कहीं सुरक्षा पीछे ना छूट जाए…आपको अलर्ट करना हमारा काम है…अब अपनी और अपनों की सुरक्षा करना आपकी जिम्मेदारी…










