हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अब शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई बदलाव देखने को मिलेंगे। प्रदेश सरकार इन स्कूलों में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू करने के साथ विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म और स्कूल भवनों की अलग पहचान तय करने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को इन व्यवस्थाओं को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए निर्धारित ड्रेस कोड 1 अक्तूबर से लागू किया जाएगा। इसके अलावा विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म, स्कूलों के लोगो और भवनों की एक समान रंग योजना को भी अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य इन स्कूलों को एक अलग और व्यवस्थित पहचान देना है।
दिन में तीन बार दर्ज होगी विद्यार्थियों की उपस्थिति
सरकारी सीबीएसई स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर भी नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में बच्चों की दिन में तीन बार हाजिरी दर्ज की जाएगी। इसके पीछे स्कूलों में अनुशासन और समय की पाबंदी को बेहतर तरीके से सुनिश्चित करना उद्देश्य बताया गया है। शिक्षा विभाग को इस व्यवस्था को लागू करने के लिए जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगी CBSE शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी दिशा में सरकारी सीबीएसई स्कूलों को मजबूत किया जा रहा है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को निजी सीबीएसई स्कूलों की तुलना में कम खर्च में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुरूप शिक्षा उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का फोकस ऐसे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर देने पर है, जिन्हें अपने आसपास निजी सीबीएसई स्कूलों की महंगी फीस का विकल्प नहीं मिल पाता।
शिक्षकों के खाली पद प्राथमिकता से होंगे भरे
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियां पहले ही की जा चुकी हैं। भविष्य में यदि किसी स्कूल में शिक्षक का पद खाली होता है तो उसे प्राथमिकता के आधार पर भरने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षकों की कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने के लिए जरूरी संसाधन और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी। बैठक में महाधिवक्ता अनूप रत्न, शिक्षा सचिव राकेश कंवर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली समेत शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।










