हिमाचल प्रदेश की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कांग्रेस सरकार के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री और मंत्री विक्रमादित्य सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट्स ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। इन पोस्ट्स को पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेद और नेतृत्व को लेकर नाराज़गी के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने हाल ही में एक पोस्ट में लिखा, “साजिशों का दौर, झूठ के पांव नहीं होते।” उनकी यह बात सीधे तौर पर पार्टी के अंदरूनी हालात पर इशारा करती मानी जा रही है।
इसके तुरंत बाद विक्रमादित्य सिंह ने भी फेसबुक पर एक तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा, “जब आपको हराने के लिए लोग कोशिश करने के बजाय साज़िश करने लगें, तो समझिए आपकी काबिलीयत अव्वल दर्जे की है। आप वीरभद्र सिंह स्कूल ऑफ थॉट के शिष्य हैं, ना कभी डरना, ना किसी को बेवजह डराना।”
विक्रमादित्य की यह पोस्ट न सिर्फ उनके आत्मविश्वास को दर्शाती है, बल्कि यह भी साफ करती है कि सरकार के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम पर अब भाजपा नेता और धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा ने भी तंज कसते हुए एक पोस्ट साझा की:
“उसका जो मालिक आया, मुझे थप्पड़ लगा गया। मेरा जो मालिक आया, वह झगड़ा ही मिटा गया।”
इस तरह सियासत के इस संग्राम में सत्ताधारी पार्टी के साथ-साथ विपक्ष भी कूद पड़ा है।
इन घटनाओं से साफ है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के लिए स्थितियां आसान नहीं हैं। पार्टी के अंदर जारी घमासान अब खुलकर सामने आ रहा है और अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो इसका असर सरकार की स्थिरता पर पड़ सकता है।










