हिमाचल प्रदेश में 40 नई ग्राम पंचायतों के गठन की अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके साथ ही सरकार ने जनता से सुझाव और आपत्तियां भी मांगी हैं। लक्ष्य है कि 31 मार्च तक चुनाव से जुड़ी सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि पंचायत चुनाव समय पर कराए जा सकें।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि हिमाचल में पंचायत चुनाव 31 मई से पहले करवाए जाएं। इसी वजह से प्रदेश में चुनावी तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नई पंचायतों का गठन इसलिए किया जा रहा है क्योंकि जिन पंचायतों की आबादी 3000 से 5000 के बीच है, उनका विभाजन किया जाएगा। अब कोशिश है कि एक पंचायत की आबादी लगभग 1500 के आसपास रहे, ताकि प्रशासनिक कामकाज आसान हो और लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके। इस बदलाव के बाद राज्य में पंचायतों की संख्या बढ़ जाएगी। नई पंचायतों के लिए अलग से वोटर लिस्ट तैयार की जाएगी। इसके लिए पुनर्गठन और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। चुनाव से पहले सबसे जरूरी काम होता है मतदाता सूची को अपडेट करना। इसलिए राज्य निर्वाचन आयोग ने फैसला लिया है कि मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण किया जाएगा। इसका मतलब है कि जिन युवाओं की उम्र 1 जनवरी तक 18 साल पूरी हो चुकी है, उनका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ा जाएगा, ताकि वे पंचायत चुनाव में वोट दे सकें। पहले आयोग ने 28 अक्तूबर तक 18 साल पूरे कर चुके युवाओं को मतदाता सूची में शामिल किया था। लेकिन अब यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि 1 जनवरी तक 18 साल पूरे कर चुका कोई भी युवा वोट देने से वंचित न रह जाए। इस विशेष अभियान से प्रदेश में करीब 1 लाख नए मतदाता और जुड़ सकते हैं। नए मतदाताओं के लिए अलग से सप्लीमेंटरी यानी अनुपूरक मतदाता सूची बनाई जाएगी। इसके लिए आयोग की ओर से 10 दिन के भीतर लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे। इसके अलावा पंचायत चुनाव से पहले आरक्षण रोस्टर भी जारी किया जाएगा। यह रोस्टर 25 मार्च से पहले आने की संभावना है। रोस्टर जारी होने के बाद उस पर भी जनता से सुझाव और आपत्तियां ली जाएंगी। राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक, इस समय हिमाचल प्रदेश में कुल 55.19 लाख मतदाता हैं। इनमें करीब 27 लाख 93 हजार पुरुष और 27 लाख 26 हजार महिलाएं शामिल हैं। सीधे शब्दों में कहें तो— नई पंचायतें बन रही हैं, वोटर लिस्ट अपडेट हो रही है, और 1 जनवरी तक 18 साल पूरे कर चुके सभी युवाओं को वोट देने का मौका मिलेगा। पूरी कोशिश है कि 31 मार्च तक तैयारियां पूरी हों और 31 मई से पहले पंचायत चुनाव कराए जा सकें।









