हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित शूलिनी विश्वविद्यालय से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां एमबीए के छात्र नितिन चौहान ने आत्महत्या कर ली। फंदा लगाने से पहले नितिन ने अपने माता-पिता को फोन कर कहा— “मम्मी-पापा अपना ख्याल रखना”, जो उसके अंतिम शब्द साबित हुए।
परिजनों का आरोप है कि नितिन को विश्वविद्यालय में लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और जॉब प्लेसमेंट के नाम पर उसके साथ धोखा हुआ। नितिन को 50 हजार रुपये प्रति माह के पैकेज का लालच देकर एक कंपनी में भेजा गया, जहां उससे सफाई जैसे काम करवाए गए और मात्र 25 हजार रुपये ही दिए गए। इतना ही नहीं, उससे देर रात ढाई बजे तक काम लिया जाता था, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गया।
नितिन के पिता कल्याण सिंह चौहान ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि बेटे ने सुसाइड नोट में अपनी आपबीती लिखी है और विश्वविद्यालय की एक मैम पर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
दाह संस्कार के बाद घर में शुद्धि संस्कार की रस्म निभाई गई, वहीं विश्वविद्यालय प्रबंधन के लोग भी परिवार से मिलने पहुंचे। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।










