राजधानी शिमला में पानी की सबसे बड़ी मुसीबत का राज़ खुलने वाला है…
क्या आप जानते हैं कि हज़ारों उपभोक्ता ऐसे हैं जो सालों से पानी का बिल तक नहीं भर रहे?
शिमला जल प्रबंधन निगम लिमिटेड (एसजेपीएनएल) ने एक बार फिर बड़ा कदम उठाया है।
इस बार सीधे 3500 डिफॉल्टरों को नोटिस थमाए गए हैं—और ये सब मामूली नहीं, बल्कि लाखों का बिल दबाए बैठे हैं।
कंपनी का कहना है कि शहर के उपभोक्ता अब तक 30 करोड़ रुपए बकाया छोड़ चुके हैं।
सबसे हैरानी की बात यह है कि इस लिस्ट में सिर्फ आम लोग ही नहीं, बल्कि गृह निर्माण, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, बड़े होटल और यहां तक कि सरकारी दफ्तर भी शामिल हैं।
अब सवाल ये है—
क्या नोटिस मिलने के बाद उपभोक्ता बिल भरेंगे?
या फिर पानी की सप्लाई पर लगेगा ताला?
और सबसे बड़ा… क्या सरकार इस पर सख्त कदम उठाएगी?










