Himachal Pradesh में सरकारी स्कूलों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अगर आप या आपके बच्चे सीबीएसई से जुड़े सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ते हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। राज्य के कई स्कूलों में इस साल दाखिले के लिए काफी ज्यादा आवेदन आए हैं। लेकिन स्कूलों में कमरों और सीटों की संख्या सीमित है। ऐसे में कई जगहों पर सीटें भर चुकी हैं और नए सेक्शन बनाना भी संभव नहीं है। इसी समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अब उन स्कूलों को दो शिफ्टों में चलाने की अनुमति दे दी है, जहां जगह की कमी है। अब क्या बदलेगा? जिन स्कूलों में सीटें पूरी भर चुकी हैं, वहां अब सुबह और शाम — दो समय पर कक्षाएं लगेंगी। सुबह की शिफ्ट में जूनियर क्लासें (छोटी कक्षाएं) चलेंगी। शाम की शिफ्ट में सीनियर क्लासें (बड़ी कक्षाएं) लगेंगी। यह व्यवस्था फिलहाल अस्थायी है और आगे के आदेश तक लागू रहेगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि अगर किसी स्कूल में अतिरिक्त सेक्शन बनाना संभव होगा, तो वहां शिफ्ट सिस्टम लागू नहीं किया जाएगा। यानी पहले कोशिश यही होगी कि सेक्शन बढ़ाए जाएं, शिफ्ट सिस्टम आखिरी विकल्प होगा। अभिभावकों के लिए भी राहत की बात है। किसी को जबरन किसी खास शिफ्ट में नहीं भेजा जाएगा। अगर कोई अभिभावक चाहें तो अपने बच्चे का दाखिला नजदीकी दूसरे सरकारी स्कूल में भी करा सकते हैं। शिक्षा विभाग ने यह भी कहा है कि अनुशासन, सुरक्षा और साफ-सफाई पर खास ध्यान रखा जाएगा। साथ ही समय-समय पर इस व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। जरूरत पड़ने पर इसे बदला या बंद भी किया जा सकता है। गौरतलब है कि राज्य सरकार अब तक 148 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई बोर्ड से जोड़ चुकी है और इन स्कूलों में नए शिक्षकों और स्टाफ की भर्तियां भी की जानी हैं। कुल मिलाकर, सरकार का कहना है कि कोई भी योग्य छात्र सिर्फ सीट की कमी की वजह से दाखिले से वंचित न रहे — और इसी उद्देश्य से यह दो शिफ्ट वाला फैसला लिया गया है।









