देवभूमि हिमाचल प्रदेश में क्रिसमस का पावन पर्व श्रद्धा, शांति और उल्लास के साथ मनाया। पहाड़ों की ठंड के बीच रोशनी से सजे चर्च, प्रार्थना में लीन श्रद्धालु और उल्लास से भरे पर्यटकों ने पूरे प्रदेश को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।
राजधानी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित क्राइस्ट चर्च में क्रिसमस के अवसर पर श्रद्धा और शांति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सुबह से ही चर्च में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। चर्च परिसर को सफेद फूलों, मोमबत्तियों और रंग-बिरंगी लाइटों से आकर्षक ढंग से सजाया गया, जबकि चर्च की घंटियों की गूंज ने पूरे रिज क्षेत्र को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया।
क्राइस्ट चर्च में आयोजित विशेष प्रार्थना सभा के दौरान कैरल्स की मधुर धुनें गूंजती रहीं। बाइबिल पाठ और भजनों के माध्यम से प्रभु यीशु मसीह के प्रेम, करुणा और सेवा के संदेश लोगों तक पहुंचाए गए। श्रद्धालु शांत भाव से प्रार्थना करते नजर आए और पूरे माहौल में भाईचारे और सौहार्द की भावना झलकती रही।
क्राइस्ट चर्च की पादरी विनीता राय ने कहा कि क्रिसमस के अवसर पर देश और प्रदेश की खुशहाली, शांति और समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं। उन्होंने कहा कि क्रिसमस प्रेम, शांति और मानवता का संदेश देता है और हमें यीशु मसीह के बताए मार्ग पर चलकर समाज में सेवा और सद्भाव की भावना को मजबूत करना चाहिए।
प्रार्थना सभा में शामिल श्रद्धालुओं के चेहरों पर गहरी आस्था और सुकून साफ नजर आया। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दिल्ली, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों से आए पर्यटक भी चर्च पहुंचे। पर्यटकों का कहना है कि बर्फ से ढके पहाड़ों के बीच क्रिसमस मनाने का अनुभव उनके लिए बेहद खास और यादगार बन गया।










