हिमाचल में चिट्टे के काले कारोबार से राजनीति चमकाने वालों की अब खैर नहीं है…जिसने नशे से कमाई की…जिसने युवाओं का भविष्य बेचा…जिसने काली कमाई से कोठियां और रसूख खड़ा किया…अब उन पर बुलडोज़र चलेगा…क्योंकि हिमाचल की धरती अब नशे के सौदागरों की राजनीति बर्दाश्त नहीं करेगी…इस बार पंचायत चुनाव में ऐसे लोगों की NO ENTRY है…जो चिट्टे की तस्करी में संलिप्त हैं…पंचायत मंत्री अनिरुद्ध सिंह का साफ संदेश है कि जो जहर बेचकर हिमाचल के यूथ को तबाह कर रहे हैं, वे अब गांव की सत्ता हथियाने का सपना भी ना देखें…पंचायत मंत्री ने दो टूक कहा कि पंचायत चुनाव सिर्फ साफ छवि वालों के लिए हैं, नशे के कारोबारियों के लिए नहीं है…जिसको लेकर 19 जनवरी की कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा…और 21-22 जनवरी को पंचायतों में एंटी चिट्टा ग्राम सभाएं होंगी…यह सिर्फ एक ऐलान नहीं, यह लड़ाई नशे के खिलाफ, माफिया के खिलाफ और गंदी राजनीति के खिलाफ है…जिस पर लगाम लगनी भी जरूरी है…ताकि गांव नशा नहीं, विकास का रास्ता तय करें…गांव में माफियाओं के कारोबार की बजाय…युवाओं का भविष्य साकार हो…आप इस पर क्या सोचते हैं, अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं…









