Himachal Pradesh की सियासत में एक बार फिर “सेवा विस्तार” और “प्रमोशन” को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है — और इस बार मामला सीधे स्वास्थ्य मंत्री Dhni Ram Shandil के परिवार से जुड़ा है। राज्य में जहां हजारों बेरोजगार युवा नौकरी की आस लगाए बैठे हैं, वहीं मौजूदा सरकार पर रिटायर कर्मचारियों को लगातार सेवा विस्तार देने के आरोप लग रहे हैं। हाल ही में 18 फरवरी को स्वास्थ्य मंत्री की बेटी गीतांजलि कश्यप को रिटायरमेंट के बाद सेवा विस्तार दिया गया था। उस समय सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि साइकोलॉजी विषय “डाइंग कैडर” में है और छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए यह फैसला लिया गया। लेकिन अब नया मोड़ तब आया जब सरकार ने लेक्चररों की प्रमोशन लिस्ट जारी की — और उसी सूची में गीतांजलि कश्यप का नाम भी शामिल है। उन्हें प्रमोट कर प्रिंसिपल बना दिया गया है। वर्तमान में वे सोलन के डाइट संस्थान में तैनात हैं। अब जनता का गुस्सा यही सवाल पूछ रहा है — अगर सेवा विस्तार सिर्फ बच्चों को पढ़ाने के लिए दिया गया था, तो फिर प्रमोशन क्यों? आम तौर पर प्रिंसिपल सीधे कक्षा में पढ़ाने का काम नहीं करते, तो फिर यह “जरूरी शैक्षणिक आवश्यकता” का तर्क कितना मजबूत है?
पहले जब सेवा विस्तार पर सवाल उठे थे, तब गीतांजलि कश्यप ने साफ कहा था कि उनके पिता Dhni Ram Shandil और पति डॉ. राजेश कश्यप की इसमें कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा था कि संस्थान में 150 विद्यार्थी हैं और पढ़ाई जारी रखना जरूरी है। लेकिन अब प्रमोशन के बाद विपक्ष और आम लोग इसे “हितों के टकराव” और “सत्ता का लाभ” बता रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल बेरोजगार युवाओं का है — क्या सरकार में पदों की कमी सिर्फ आम युवाओं के लिए है? क्या सेवा विस्तार और प्रमोशन की यह रफ्तार योग्यता के आधार पर है या प्रभाव के आधार पर?
जब नई भर्तियों की बात आती है तो प्रक्रिया लंबी हो जाती है, लेकिन सेवा विस्तार और प्रमोशन में इतनी तेजी क्यों? राज्य की राजनीति में यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी लोग सरकार से पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। जनता जानना चाहती है — अगर सेवा विस्तार छात्रों के हित में था, तो प्रमोशन किस हित में है? यह सवाल सिर्फ एक पद का नहीं है, यह सवाल सिस्टम की नीयत और युवाओं के भविष्य का है। आपको क्या लगता है अपनी राय आप भी जरूर दिजिएगा …. और अगर हमारी बात सही लगी हो तो इस वीडियो को सरकार तक जरूर पहुंचाइएगा ….









