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सोलन-मीनस सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग को लेकर अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने हिमाचल सरकार से मांगी रिपोर्ट

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शिमला: लंबे समय से उपेक्षित और दयनीय स्थिति में पड़ी सोलन-मीनस वाया नौहराधार, हरिपुरधार, रोनहाट-मीनस सड़क को लेकर चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने और चौड़ीकरण की मांग अब प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक पहुंच चुकी है।

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यह सड़क सिरमौर जिले के शिलाई , राजगढ़, नौहराधार,हरिपुरधार के दूरदराज, पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों को सोलन, शिमला और शेष राज्य से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण जीवनरेखा है। इसका मार्ग सोलन से शुरू होकर नौहराधार, हरिपुरधार, रोनहाट होते हुए मीनस तक पहुंचता है। यह क्षेत्र न केवल जनसंख्या की दृष्टि से घना है, बल्कि कृषि, बागवानी और पर्यटन के लिए भी अत्यधिक संभावनाओं से भरा हुआ है।इसके अतिरिक्त, यह मार्ग रणनीतिक दृष्टिकोण से भी अहम है क्योंकि यह क्षेत्र उत्तराखंड की सीमा से सटा हुआ है और यहां सेना व अर्धसैनिक बलों की आवाजाही की भी आवश्यकता रहती है।

सड़क की वर्तमान स्थिति
वर्तमान में यह सड़क संकरी, उबड़-खाबड़ और जर्जर हालत में है, जिससे नियमित यातायात, आपातकालीन सेवाएं, पर्यटन, स्कूल-कॉलेज जाने वाले छात्रों और मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। बरसात में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब कई बार यह सड़क बंद हो जाती है।

हाटी विकास मंच की भूमिका
हाटी विकास मंच एक सामाजिक संगठन जो सिरमौर के हाटी समुदाय और पिछड़े क्षेत्रों के विकास के लिए काम करता है, इस सड़क को लेकर वर्षों से संघर्ष कर रहा है। हाटी विकास मंच के अध्यक्ष प्रदीप सिंह सिंगटा के नेतृत्व में सैकड़ों ज्ञापन राज्य सरकार, लोकसभा सांसदों, केंद्रीय परिवहन मंत्रालय और अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाए गए।

प्रदीप सिंह सिंगटा का कहना है:
“यह क्षेत्र दशकों से उपेक्षित रहा है। सड़क संपर्क के अभाव में यहां का सामाजिक और आर्थिक विकास बाधित हो रहा है। यह सड़क केवल मार्ग नहीं, बल्कि यहां के लोगों की प्रगति का मार्ग है। हमें खुशी है कि अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस मांग को गंभीरता से लिया है।”

प्रधानमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया
हाल ही में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा हाटी विकास मंच को औपचारिक सूचना दी गई है कि इस सड़क से जुड़ी मांग को संज्ञान में लिया गया है, और हिमाचल प्रदेश सरकार तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है। यह जानकारी पीएमओ के जन शिकायत प्रकोष्ठ के माध्यम से मिली है।

इस प्रतिक्रिया को मंच और क्षेत्र की जनता संघर्ष की एक महत्वपूर्ण सफलता मान रही है, जिससे अब यह आशा बलवती हुई है कि यह सड़क राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित की जाएगी और इसका चौड़ीकरण शीघ्र आरंभ होगा।

इस परियोजना के लाभ
बेहतर संपर्क सुविधा – क्षेत्र का सोलन, शिमला और देहरादून जैसे बड़े शहरों से संपर्क बेहतर होगा।

आर्थिक विकास को बल – व्यापार, कृषि, बागवानी और पर्यटन में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

रोजगार के अवसर – सड़क निर्माण और बढ़ते व्यवसायों से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

शैक्षणिक और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार – बेहतर संपर्क से स्कूल, कॉलेज और अस्पताल तक पहुंच आसान होगी।

सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से उपयोगी – सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण सेना और आपातकालीन सेवाओं के लिए सुगमता बढ़ेगी।

आगे की राह
प्रधानमंत्री कार्यालय की कार्रवाई के बाद अब नजरें हिमाचल प्रदेश सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट पर टिकी हैं। हाटी विकास मंच के प्रांत कोषाध्यक्ष एडवोकेट वी एन भारद्वाज ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर लगातार हाटी विकास मंच द्वारा जन जागरूकता अभियान भी चलाया जा है और आने वाले समय में यदि आवश्यक हुआ तो जन आंदोलन की भी योजना बनाई जाएगी।

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