हिमाचल प्रदेश को नया राज्यपाल मिल गया है। अब हिमाचल के राज्यपाल का दायित्व वरिष्ठ नेता कविंद्र गुप्ता को सौंपा गया है। वहीं हिमाचल के निवर्तमान राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इस संबंध में राष्ट्रपति भवन की ओर से आधिकारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं।
अब हिमाचल के राजभवन यानी लोक भवन में जम्मू-कश्मीर से संबंध रखने वाले अनुभवी नेता कविंद्र गुप्ता कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले वे लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
कविंद्र गुप्ता का राजनीतिक अनुभव काफी लंबा और मजबूत रहा है। वे तीन बार जम्मू शहर के मेयर रह चुके हैं और स्थानीय प्रशासन से लेकर राज्य की राजनीति तक अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया है।
साल 2018 में उन्हें जम्मू-कश्मीर का उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। इसके साथ ही वे लंबे समय तक भाजपा संगठन में भी सक्रिय रहे हैं। कविंद्र गुप्ता पांच साल तक भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे और संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
उनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से भी रहा है। इतना ही नहीं, आपातकाल के दौरान वे जेल भी जा चुके हैं, जो उनके लंबे राजनीतिक और सामाजिक संघर्ष को दर्शाता है।
अगर उनके राजनीतिक सफर की बात करें तो वर्ष 1978 में वे विश्वविद्यालय की पंजाब इकाई में सचिव बने। इसके बाद 1993 में भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष बने। वर्ष 2005 में जम्मू नगर निगम के मेयर बने, 2015 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष बने और 2018 में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री का पद संभाला।
पिछले साल उन्हें लद्दाख का लेफ्टिनेंट गवर्नर बनाया गया था और अब उन्हें हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल की जिम्मेदारी दी गई है।
हिमाचल के राज्यपाल का दायित्व मिलने पर कविंद्र गुप्ता ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है और कहा है कि वे पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने का प्रयास करेंगे।










