हिमाचल में आज कैबिनेट बैठक तो हुई… लेकिन पंचायत चुनावों के चलते लगी आचार संहिता की वजह से किसी मंत्री द्वारा प्रेस ब्रीफिंग नहीं की गई। यानि सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा सामने नहीं आई है… हालांकि मीडिया सूत्रों के मुताबिक… कैबिनेट में बड़ा फैसला लेते हुए दो लाख सालाना से कम आय वाले परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए देने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा 24 घंटे दुकानें खोलने, मेडिकल कॉलेज प्रोफेसरों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ाने और कई कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी जैसे फैसले भी बताए जा रहे हैं।लेकिन एक बार फिर साफ कर दें… ये जानकारी फिलहाल सूत्रों के आधार पर सामने आई है….
हिमाचल में पंचायतीराज चुनाव को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव करवाने के लिए अब अलग-अलग विभागों से अतिरिक्त गाड़ियां मांगी गई हैं.. ये वाहन चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और निगरानी टीमों को दिए जाएंगे… ताकि हर पंचायत पर नजर रखी जा सके। प्रदेश में पंचायत चुनाव 26, 28 और 30 मई को तीन चरणों में होने हैं। इसी को देखते हुए उड़नदस्तों और निगरानी टीमों ने भी अपनी जांच तेज कर दी है। वहीं चुनाव आयोग ने संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में खास निगरानी के निर्देश दिए हैं। इन इलाकों में अतिरिक्त स्टाफ तैनात होगा और अधिकारियों की लगातार आवाजाही बनी रहेगी। बढ़ते हैं
अब HRTC बसों में ड्यूटी के दौरान चालक-परिचालक अपनी मर्जी का पहनावा नहीं पहन सकेंगे। HRTC ने ड्रेस कोड सख्ती से लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। निगम ने साफ कहा है कि अब चालक और परिचालक ड्यूटी के समय सिर्फ तय वर्दी में ही नजर आएंगे। बस चलाते समय गले में रंगीन पटका, परना या कोई कपड़ा डालने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं… सिर पर कपड़ा बांधकर ड्यूटी देने की भी अनुमति नहीं होगी। एचआरटीसी प्रबंधन का कहना है कि कई कर्मचारी वर्दी की बजाय टी-शर्ट और अलग पहनावे में ड्यूटी पर आ जाते थे… जिससे निगम की छवि खराब हो रही थी। क्योंकि HRTC की बसों में सिर्फ हिमाचल ही नहीं… बल्कि बाहरी राज्यों के लोग और पर्यटक भी सफर करते हैं। ऐसे में कर्मचारियों का अनुशासित और प्रोफेशनल दिखना जरूरी है।
अब हिमाचल में जनगणना भी होगी पूरी तरह डिजिटल! जी हां… जनगणना 2027 में इस बार लोगों को खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन भरने का मौका मिलेगा। सरकार ने बताया है कि हिमाचल में जनगणना का पहला चरण 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक चलेगा। लेकिन खास बात ये है कि लोग 1 जून से 15 जून तक घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर अपनी और अपने परिवार की जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। जानकारी भरने के बाद लोगों को 11 अंकों का एक यूनिक Self Enumeration ID भी मिलेगा। सरकार का कहना है कि इस बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी… ताकि समय की बचत हो, गलतियां कम हों और डेटा ज्यादा सुरक्षित रहे। इसके लिए खास CMMS पोर्टल भी तैयार किया गया है… जिससे अधिकारी पूरी जनगणना की मॉनिटरिंग कर सकेंगे। यानि अब कागजों वाली पुरानी जनगणना नहीं… बल्कि डिजिटल इंडिया की डिजिटल जनगणना देखने को मिलेगी।
आजकल के स्कूल के बच्चों का वजन इतना नहीं होता… जितना उनके स्कूल बैग का होता है। छोटे-छोटे बच्चे… पीठ पर भारी-भरकम बस्ता लटकाकर रोज स्कूल जाने को मजबूर हैं। लेकिन अब हिमाचल प्रदेश से बच्चों और पैरेंट्स के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। हिमाचल शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि अब किसी भी बच्चे के स्कूल बैग का वजन उसके शरीर के वजन के 10 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगा। यानि अगर किसी बच्चे का वजन 30 किलो है… तो उसका स्कूल बैग 3 किलो से ज्यादा नहीं होना चाहिए। ये नियम अब प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में लागू होगा। अब शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को साफ चेतावनी दी है कि अगर किसी बच्चे के बैग का वजन तय सीमा से ज्यादा पाया गया… तो स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इतना ही नहीं… अब सभी स्कूलों में सिर्फ NCERT की किताबें पढ़ाना भी अनिवार्य कर दिया गया है। यानि अब निजी प्रकाशकों की मोटी और भारी किताबों की मनमानी पर भी रोक लगेगी। साथ ही स्कूलों को अपना टाइम-टेबल भी इस तरह बनाना होगा… ताकि बच्चों को रोज सभी विषयों की किताबें स्कूल न लानी पड़ें। जिस दिन जिस विषय की जरूरत होगी… बच्चे सिर्फ वही किताब और कॉपी लेकर आएंगे। तो इस फैसले पर आपकी क्या राय है? क्या ये नियम लागू होना चाहिए ?
शिमला जिला के कुमारसैन में आज सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई… जब एक रिहायशी मकान में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी भयानक थी कि इस दौरान एक गैस सिलेंडर भी फट गया… और जोरदार धमाके से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। ये घटना कुमारसैन के बड़ागांव बाजार की है… जहां जिया लाल के तीन मंजिला मकान में आग लगी। राहत की बात ये रही कि दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया… और मकान की नीचे की दो मंजिलों को सुरक्षित बचा लिया गया। लेकिन टॉप फ्लोर पर बने चार से ज्यादा कमरे और उसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।बताया जा रहा है कि इस हादसे में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है… और प्रशासन नुकसान का आंकलन करने में जुटा हुआ है।
सऊदी अरब से करीब साढ़े तीन साल बाद अपने घर लौट रहे ऊना के एक युवक के साथ रास्ते में बड़ी वारदात हो गई। युवक को नशीला पदार्थ पिलाकर लूट लिया गया… और वह बेहोशी की हालत में नंगल में मिला। पीड़ित युवक की पहचान ऊना जिले के फतेहपुर निवासी सतनाम सिंह के रूप में हुई है… जो सऊदी अरब में ऑपरेटर की नौकरी करता था। बताया जा रहा है कि वीरवार शाम वह फ्लाइट से दिल्ली पहुंचा था… और वहां से बस में अपने घर लौट रहा था। लेकिन दिल्ली से नंगल के बीच सफर के दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसे नशीला पदार्थ पिला दिया। कुछ ही देर में उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह सीट पर ही बेसुध हो गया। बस में मौजूद यात्रियों ने जब युवक की हालत देखी… तो तुरंत कंडक्टर को सूचना दी। इसके बाद परिजनों को खबर दी गई और युवक को गंभीर हालत में ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिजनों के मुताबिक युवक का बैग, पासपोर्ट और अन्य जरूरी सामान गायब है… जिससे साफ है कि उसे बेहोश कर लूटा गया। फिलहाल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है… और पूरी तरह होश में आने के बाद ही लूट की पूरी जानकारी सामने आ पाएगी।
हिमाचल में मौसम ने अचानक करवट ले ली है… कहीं बारिश… कहीं ओलावृष्टि… तो कहीं ताजा बर्फबारी देखने को मिल रही है। ऊना में भीषण गर्मी के बीच बारिश होने से लोगों को बड़ी राहत मिली… वहीं शिमला में बारिश के साथ तेज अंधड़ चला और हल्की ओलावृष्टि भी हुई। उधर किन्नौर, लाहौल-स्पीति और रोहतांग दर्रे की ऊंची चोटियां ताजा बर्फबारी से सफेद हो गई हैं। बर्फबारी के बाद इलाके में ठंड बढ़ गई है और बड़ी संख्या में पर्यटक रोहतांग पहुंच रहे हैं। पर्यटक बर्फ में जमकर मस्ती करते नजर आए। मौसम विभाग के मुताबिक 24 और 25 मई तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है। साथ ही कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में तेज अंधड़ को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है… जबकि बाकी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। मौसम में आए इस बदलाव से गर्मी से राहत जरूर मिली है… लेकिन लोगों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है।










