
चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए पर गैहरा के पास बत्ती की हट्टी क्षेत्र में श्रद्धालुओं से भरी एक चलती बस पर अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें गिर गईं। एक विशाल चट्टान बस का अगला शीशा तोड़ते हुए सीधे अंदर घुस गई, जिससे बस में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में 21 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
शिव नुआला से लौट रहे थे श्रद्धालु
जानकारी के अनुसार, बस भरमौर स्थित ऐतिहासिक चौरासी मंदिर में आयोजित शिव नुआला कार्यक्रम में शामिल होकर श्रद्धालुओं को लेकर चंबा लौट रही थी। रविवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे जैसे ही बस गैहरा के पास बत्ती की हट्टी क्षेत्र से गुजर रही थी, तभी अचानक पहाड़ी से भारी चट्टानें टूटकर सड़क पर आ गिरीं। इनमें से एक विशाल चट्टान सीधे बस पर गिरी और शीशा तोड़ते हुए अंदर जा घुसी।
21 वर्षीय साहिल ठाकुर की मौके पर मौत
इस हादसे में गरेड़ (चंबा) निवासी 21 वर्षीय साहिल ठाकुर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं कार्तिक ठाकुर, गुड्डू देवी, बिंता, गिलमा देवी और बस चालक कुलविंदर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
बस के अंदर मचा चीख-पुकार का माहौल
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चट्टान इतनी भारी थी कि बस की कई सीटें पूरी तरह टूट गईं। एक सीट अपनी जगह से उखड़कर बस के बीच में आ गिरी। अचानक हुए इस हादसे से बस में बैठे यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई और हर कोई अपनी जान बचाने की कोशिश करता नजर आया।
राहत कार्य में हुई शुरुआती देरी
घटना सुबह करीब 8:30 बजे हुई। हादसे वाली जगह पर उस समय आवाजाही कम होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य शुरू होने में कुछ शुरुआती देरी हुई। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। एसपी चंबा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि पहाड़ी से चट्टान गिरने के कारण यह दुर्घटना हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई है और पांच लोग घायल हुए हैं।
बारिश के मौसम में सतर्क रहने की जरूरत
मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और पहाड़ियों से पत्थर गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जाती है कि यात्रा से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें, प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें और जहां पत्थर गिरने का खतरा हो, वहां अनावश्यक रूप से वाहन न रोकें। एक छोटी-सी सावधानी आपकी और आपके परिवार की जिंदगी बचा सकती है।









