सोलन: हिमाचल प्रदेश में प्रशासनिक फेरबदल के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जो सिर्फ नियुक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि संघर्ष, सफलता और परिवार के संतुलन की प्रेरणादायक मिसाल भी है। प्रदेश की चर्चित प्रशासनिक जोड़ियों में शामिल HAS अधिकारी गोपाल चंद शर्मा और नीरजा शर्मा एक बार फिर चर्चा में हैं। अब जहां गोपाल चंद शर्मा कंडाघाट के एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रहे हैं, वहीं उनकी पत्नी HAS नीरजा शर्मा को सोलन की नई SDM नियुक्त किया गया है।
ड्यूटी के दौरान हुई पहली मुलाकात, दोस्ती से शुरू हुआ जीवन का सफर
गोपाल चंद शर्मा और नीरजा शर्मा की पहली मुलाकात शिमला स्थित HIPA (हिमाचल प्रदेश इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन) में प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। प्रशिक्षण के दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, फिर एक-दूसरे को समझा और वर्ष 2015 में दोनों विवाह बंधन में बंध गए। आज यह दंपति प्रशासनिक सेवाओं में कंधे से कंधा मिलाकर प्रदेश की सेवा कर रहा है।

दोनों की पहचान सिर्फ अधिकारी नहीं, बल्कि सरल स्वभाव भी
जो लोग इन दोनों अधिकारियों के साथ काम कर चुके हैं या इन्हें जानते हैं, उनका कहना है कि दोनों का व्यवहार बेहद सरल, शालीन और सहयोगी है। आम लोग बिना किसी झिझक के अपनी समस्याएं लेकर इनके पास पहुंचते हैं। यही वजह है कि दोनों अधिकारियों की कार्यशैली की अक्सर सराहना होती है।
जिम्मेदार अधिकारी और आदर्श माता-पिता भी
सरकारी जिम्मेदारियों के साथ-साथ यह दंपति अपने परिवार को भी पूरा समय देता है। इनके दो बच्चे हैं और व्यस्त प्रशासनिक जीवन के बावजूद दोनों अपने पारिवारिक दायित्वों को भी पूरी जिम्मेदारी से निभाते हैं। यही संतुलन इन्हें अन्य अधिकारियों से अलग पहचान देता है।
नीरजा शर्मा का संघर्ष और सफलता का सफर
बिलासपुर जिले की बेटी और सिरमौर की बहू नीरजा शर्मा ने वर्ष 2013 में एलाइड सर्विसेज परीक्षा पास कर मंडी जिले के बलद्वाड़ा में तहसीलदार के रूप में अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत की। वर्ष 2022 में जिला राजस्व अधिकारी बनीं और 2023 में HAS अधिकारी के रूप में पदोन्नत हुईं। इसके बाद उन्होंने एसी टू डीसी सोलन के रूप में सेवाएं दीं और अब उन्हें सोलन के SDM की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
किसान परिवार से निकलकर SDM बने गोपाल चंद शर्मा
सिरमौर जिले के संगड़ाह उपमंडल के गत्ताधार गांव से संबंध रखने वाले गोपाल चंद शर्मा साधारण किसान परिवार से आते हैं। कठिन परिस्थितियों में पढ़ाई करते हुए उन्होंने बैंक कर्मचारी, हाईकोर्ट क्लर्क और ETO के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2022 में HAS अधिकारी बनने के बाद उनकी पहली नियुक्ति RTO सोलन के रूप में हुई। इसके बाद वे एसी टू डीसी शिमला रहे और वर्तमान में SDM कंडाघाट के पद पर कार्यरत हैं।
हिमाचल के लिए प्रेरणा बनी यह जोड़ी
आज एक ही जिले में पति-पत्नी दोनों प्रशासनिक सेवा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। लेकिन उनकी असली पहचान केवल उनके पद नहीं, बल्कि उनकी सादगी, ईमानदारी, जनसेवा के प्रति समर्पण और व्यवहार है। यही कारण है कि यह जोड़ी न केवल सिरमौर और सोलन, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।










