पहलगाम हमले से उपजे विवाद और सीजफायर के बाद उम्मीद थी कि हिमाचल में पर्यटकों की तादाद बढ़ेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। हिमाचल में पर्यटन सीज़न यौवन पर है, मई माह खत्म होने को है बाबजूद इसके पर्यटकों की संख्या आशातीत नहीं है। पिछले साल के मुकाबले अभी तक मई माह में पर्यटकों की संख्या में दस फीसदी की कमी दर्ज की गई है।
पिछले साल की बात करें तो हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (HPTDC)के होटलों की आक्यूपेंसी 44 फीसदी थी जो कि इस बार गिरकर 34 फीसदी रह गई है। ये आंकड़े HPTDC के जनरल मैनेजर अनिल तनेजा ने दिए हैं। उन्होंने बताया कि वीकेंड पर जरूर पर्यटक हिमाचल का रुख कर रहें हैं लेकिन अभी तक एडवांस बुकिंग सिर्फ़ 20 फीसदी ही हुई है। हां धार्मिक स्थलों पर वीकेंड पर पर्यटकों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि भारत पाक के बीच संघर्ष के चलते अभी भी अनिश्चितता का माहौल है। ये भी एक कारण है कि पर्यटक कम आ रहें हैं।
निजी होटल मालिक भी इस बार पर्यटन सीज़न से खुश नहीं है। उनका कहना है कि मई माह में भी तीन चार कमरे ही लग रहे हैं। पहलगाम हमले के बाद ये उम्मीद लगाई जा रही थी कि जम्मू कश्मीर का पर्यटक हिमाचल का रुख करेगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। जून माह में उम्मीद है कि उनको हुए नुकसान की भरपाई होगी।
कोविड से पहले हिमाचल में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या दो करोड़ के आसपास सालाना पहुंच गई थी। लेकिन उसके बाद इसमें निरंतर गिरावट आई। पिछले साल से फ़िर हिमाचल में आने वाले पर्यटकों की संख्या में बढ़ौतरी देखी जा रही थी। दिसंबर 2024 तक हिमाचल में कुल 1.80 करोड़ घरेलू पर्यटकों ने राज्य का दौरा किया। जबकि 83,000 विदेशी पर्यटक हिमाचल पहुंचे। इससे पहले 2017 में रिकॉर्ड 1.91 करोड़ घरेलू पर्यटक आए थे। कुल्लू जिला में सबसे अधिक पर्यटक आए, उसके बाद शिमला, सोलन, सिरमौर और मंडी का स्थान रहा।
दिलचस्प बात यह है कि पिछले 12 वर्षों में हिमाचल 2012 में हासिल किए गए 5 लाख विदेशी पर्यटकों के रिकॉर्ड को नहीं तोड़ पाया है।
कोविड से संबंधित आशंकाओं और यात्रा प्रतिबंधों के कारण 2019 के बाद घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज़ की गई। जिसके चलते 2020 में 31.7 लाख घरेलू पर्यटक और 2021 में सिर्फ़ 5,000 विदेशी यात्री ही हिमाचल आए। इस बार अभी तक पर्यटकों की संख्या में दस फीसदी की कमी दर्ज की गई थी।










