रविवार को कोटखाई क्षेत्र में दरबार गांव के समीप गिरी खड्ड में कपड़े धोते समय मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान 47 वर्षीय कांता शर्मा और उनकी 30 वर्षीय बेटी ममता शर्मा के रूप में हुई है। दोनों महिलाएं रोजमर्रा की तरह घर के पास बहने वाली गिरी खड्ड पर कपड़े धोने गई थीं, लेकिन यह आम दिन उनकी ज़िंदगी का आखिरी दिन साबित हुआ।
जैसे ही घटना की सूचना मिली, थाना प्रभारी अंकुश ठाकुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर कांता शर्मा का शव पानी से बाहर पड़ा मिला जबकि ममता शर्मा का शव कुछ दूरी पर पानी के तेज बहाव में फंसा हुआ था।
मौके पर दो बाल्टियां, कपड़े, कंबल, सर्फ एक्सेल का पैकेट और एक जोड़ी जूते-चप्पल पड़े मिले। बताया जा रहा है कि खड्ड का पानी काफी गहरा था और वहां चट्टानें भी थीं, जिससे यह हादसा और भी खतरनाक बन गया।
परिजनों ने पुलिस को बताया कि सुबह 9 बजे कांता का बेटा लव शर्मा और वह स्वयं खेतों में काम के लिए निकल गए थे। जब काफी देर तक दोनों महिलाएं वापस नहीं लौटीं तो आसपास खोजबीन की गई, और यह दर्दनाक सच सामने आया।
स्थानीय लोगों और परिवार की मदद से शवों को बाहर निकाला गया। महिला कांस्टेबल की उपस्थिति में दोनों शवों की जांच की गई, जिसमें किसी भी प्रकार की चोट या हिंसा के निशान नहीं पाए गए। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर इसे हादसा माना है। माना जा रहा है कि गहरे पानी और चट्टानों की वजह से दोनों का पैर फिसला और वे डूब गईं।
पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को परिजन सुनील शर्मा को सौंप दिया गया है। मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। मां-बेटी की एक साथ मौत ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। गांववासी नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दे रहे हैं।










