चंद्र कुमार बोले इस्तीफे देने की नहीं आई नौबत, मुख्यमंत्री से बातचीत करके मसला हो गया हल, कुछ लोगों ने ट्रांसफर और एडजस्टमेंट को बना लिया है पेशा, सरकार को इसमें लगानी चाहिए लगाम, मेरे विधानसभा क्षेत्र में भी कार्यकर्ताओं ने ट्रांसफर को बना लिया है पेशा।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चन्द्र कुमार ने कहा है कि प्रदेश में बड़े स्तर पर ट्रांसफर माफिया काम कर रहा है और शिक्षा विभाग में ट्रांसफर का पिंडौरा बॉक्स बन गया है जिसमें मुख्यमंत्री को लगाम लगानी चाहिए। मेरे विधानसभा क्षेत्र में भी कुछ लोगों व कार्यकर्ताओं ने ट्रांसफर और एडजस्टमेंट को पेशा बना लिया है जिस पर नीरज भारती ने नाराजगी जताई और इस्तीफे की बात कही। हालांकि इस्तीफे देने की जरूरत नहीं पड़ी और मुख्यमंत्री से बातचीत करके मामला सुलझा लिया है।
चंद्र कुमार ने कहा कि हर विभाग में ट्रांसफर और एडजस्टमेंट का पेशा चल रहा है लेकिन शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा है।कुछ लोग व कार्यकर्ता इन ट्रांसफरों में शामिल होकर सरकार की छवि खराब कर रहे हैं जिसमें लगाम लगाने की जरूरत है और इसी को लेकर नीरज भारती ने नाराजगी जाहिर करते हुए अपनी बात कही है। कार्यकर्ता काम की बात न करके ट्रांसफर व एडजस्टमेंट लेकर आते हैं जैसे उन्होंने विधायक बनना हो। ट्रांसफर पॉलिसी बनाने की बात कई बार हुई लेकिन सिरे नहीं चढ़ी।
बाइट….. चंद्र कुमार….. कृषि एवं पशुपालन मंत्री
वहीं इस दौरान चंद्र कुमार ने केंद्र से 2023 की आपदा के लिए मिली 2006 करोड़ की राहत राशि को ऊंट के मुंह में जीरे के समान करार दिया और कहा कि जितना नुकसान का आकलन हुआ है उसके मुकाबले कम राशि केंद्र सरकार से मिली है।










