हे भगवान… अब रहम कर…”ये तस्वीरें उत्तराखंड के भटवाड़ी की हैं — गंगोत्री नेशनल हाईवे की वो जगह, जहां करीब 30 मीटर सड़क धंस चुकी है।देखिए इस सड़क की हालत… मानो पहाड़ों ने खुद हार मान ली हो… धरती चीख-चीखकर कह रही हो — अब और नहीं सहा जाता! यही रास्ता धराली गांव की ओर जाता है, वही धराली… जहां पिछले कल कुदरत ने अपना तांडव दिखाया।
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देवभूमि उत्तराखंड आज एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में है।उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने से मची तबाही ने पूरे इलाके को हिला दिया है। बाजार, घर, होटल, होम स्टे — सब कुछ बहा ले गई ये बेकाबू नदी। अब तक 70 से ज्यादा लोग लापता हैं, और 4 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।हादसे की भयावहता इतनी है कि सेना के 11 जवान भी लापता हो गए, जिनमें से 2 को बचाया गया, लेकिन 9 अभी भी गायब हैं। गंगोत्री हाईवे तीन जगहों पर टूटा हुआ है। भटवाड़ी के पास, हर्षिल से पहले, सड़क पूरी तरह टूट चुकी है — चारधाम यात्रा का मुख्य मार्ग बंद हो गया है।
हर्षिल हेलीपैड का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त है, और आसपास की निजी व सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है इलाके में बिजली और संचार सेवा पूरी तरह ठप है। राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए राज्य सरकार ने आपदा मोचक निधि से 20 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद आपदा कंट्रोल रूम से पल-पल की निगरानी कर रहे हैं। लेकिन जब रास्ते ही टूट जाएं… जब गांव ही बह जाएं… तब सिर्फ एक सवाल बचता है — कब थमेगा ये कुदरत का कहर?










