“कहते हैं — ‘जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय….. इन तस्वीरों को देखकर ये कहावत बिल्कुल सच लगती है… ये वीडियो किन्नौर के रिब्बा का है…जहां एक एचआरटीसी बस जैसे ही पुलिया पार करती है —कुछ ही सेकंड बाद कुदरत का ऐसा कहर टूटता है, जिसे देख रूह कांप जाए।
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ऊपर पहाड़ से अचानक मलबे का भयानक सैलाब आता है…वो पुलिया, वो सड़क — सब कुछ बहा ले जाता है…मगर गनीमत देखिए… सरकारी बस और उसके आगे एक गाड़ी ठीक उसी जगह से कुछ सेकंड पहले ही निकल चुकी थी।सोचिए… अगर बस थोड़ा और रुक जाती…अगर उस मोड़ पर ज़रा सी देरी हो जाती…तो इस वीडियो की जगह शायद किसी शोक संदेश की तस्वीर होती…”सड़क… पुलिया… सब मलबे में समा गया…. लेकिन बस बच गई… लोग बच गए…क्योंकि वक्त का लिखा कोई नहीं टाल सकता।किसी ने सही कहा है —जिसकी उम्र बाकी होती है, उसकी राह खुद वक्त बना देता है…””इस वीडियो को देखकर रूह कांप उठती है… कहते हैं, जब समय साथ हो, तो बड़ी से बड़ी आफत भी हार जाती है। और जब कुदरत का कहर बरसे —तो सिर्फ चमत्कार ही जान बचा सकते हैं… और यहां सचमुच चमत्कार हुआ।”रिब्बा की ये तस्वीरें हमें ये एहसास कराती हैं —कि ज़िंदगी कभी भी बदल सकती है…और कभी-कभी, सिर्फ एक पल, पूरी क़िस्मत को मोड़ देता है।”
ये सिर्फ एक वीडियो नहीं…ये एक चमत्कार है…और एक बहुत बड़ा सबक भी —कि हर सफर मंज़िल तक पहुँचे, इसकी कोई गारंटी नहीं होती…पर जब कोई ऊपर वाला साथ हो, तो बचना भी मुमकिन हो जाता है…”कभी-कभी ज़िंदगी और मौत के बीच बस एक पल का फासला होता है।रिब्बा में भी कुछ ऐ सा ही हुआ…उफ्फ… अगर वो रुक जाती… अगर वो मलबा पहले आ गया होता.. तो आज शायद हम ये कहानी नहीं, सिर्फ हादसा सुन रहे होते…कुल मिलाकर कभी कभी… चंद सेकंड, एक पूरी ज़िंदगी बदल सकते हैं। “जिन्हें बचाना हो… उन्हें कुदरत भी रास्ता दे देती है।










