क्षेत्र की लाइफलाइन मानी जाने वाली सनौरा–नेरीपुल सड़क की खस्ता हालत को लेकर लोगों का सब्र टूट गया। कांगू की जुब्बड़ी में सैकड़ों लोग सड़क पर उतरे, जोरदार नारेबाजी की और धरना देकर सरकार व विभाग से जवाब मांगा। लोगों ने कहा कि करीब 35 किमी लंबा यह मार्ग सेब सीजन में और भी अहम हो जाता है, क्योंकि शिमला जिले के रोहडू, जुब्बल, कोटखाई, चौपाल, बलसन, रतेश, राजगढ़ के पझोता, राहु, मांदर समेत बड़े हिस्से का सेब इन्हीं रास्तों से देशभर की मंडियों में जाता है। पराला की सबसे बड़ी सेब मंडी से भी भारी मालवाहक ट्रक इसी सड़क से गुजरते हैं।
समस्या क्या है?-
- सड़क की चौड़ाई बेहद कम, जगह-जगह गड्ढे।
- भार क्षमता सिर्फ 9 टन, पर चल रहे हैं 25–30 टन के ट्रक।
- रोज़ाना जाम, हादसों का बढ़ता खतरा।
- छोटे-बड़े सैकड़ों वाहन, बसें और ट्रक दिनभर दौड़ते हैं।
प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों की चेतावनी- “ये सिर्फ सड़क नहीं, हमारी अर्थव्यवस्था की धड़कन है। अगर ये 24 घंटे बंद हो जाए, तो हजारों लोगों की जिंदगी ठप पड़ जाएगी”. लोगों ने चेतावनी दी कि अगर इस सड़क को तुरंत स्टेट हाईवे का दर्जा देकर डबल लेन नहीं किया गया और मरम्मत शुरू नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र होगा।— राजनीति से ऊपर उठकर हर क्षेत्र के लोग इस प्रदर्शन में एकजुट हुए और सरकार को साफ संदेश दिया — अब और इंतज़ार नहीं, सड़क सुधारो या आंदोलन झेलो।










