हिमाचल प्रदेश में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जहां पर्यटन के लिए आए सैलानी मौत के बेहद करीब पहुंच गए। पर्यटकों की एक ट्रैवल गाड़ी सड़क किनारे खड़ी थी। गाड़ी के अंदर कई सैलानी बैठे हुए थे, जिनमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल थे। इसी दौरान ड्राइवर किसी कारणवश गाड़ी से बाहर उतरा हुआ था। अचानक और बिना किसी चेतावनी के ट्रैवल गाड़ी खुद-ब-खुद पीछे की ओर खिसकने लगी। शुरुआत में किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर हो क्या रहा है। लेकिन जैसे-जैसे गाड़ी की रफ्तार बढ़ने लगी, अंदर बैठे सैलानियों की सांसें अटक गईं। कुछ ही पलों में हालात बेकाबू हो गए। गाड़ी के कंट्रोल से बाहर होते ही अंदर अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार शुरू हो गई। डर, घबराहट और मौत सामने खड़ी नजर आने लगी।
मौत सामने देख चलती गाड़ी से लगाई छलांग: जैसे ही सैलानियों को एहसास हुआ कि गाड़ी अब काबू में नहीं है और सीधी खाई की ओर बढ़ रही है, अंदर बैठे लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए चलती गाड़ी से छलांग लगानी शुरू कर दी। कोई सड़क पर गिरा, तो कोई सीधे खाई की ओर लुढ़क गया।
उस वक्त सबके सामने सिर्फ एक ही मकसद था — जान बचाना: इसी बीच देखते ही देखते ट्रैवल गाड़ी सड़क से नीचे जा गिरी। गनीमत यह रही कि गाड़ी एक पेड़ में फंस गई और खाई में गिरने से लटक गई। अगर वह पेड़ न होता, तो शायद यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था।
पेड़ में अटकी गाड़ी, कांपते हाथों से एक-दूसरे को संभालते लोग: यह मामला डलहौजी के पंचकुला क्षेत्र का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गाड़ी कैसे नीचे लटकी हुई है और ऊपर खड़े लोग कांपते हाथों से एक-दूसरे को संभाल रहे हैं। कुछ सैलानी खाई की तरफ गिर गए थे, जबकि कुछ लोग किसी तरह सड़क पर ही गिरकर बच गए।
गाड़ी के अंदर फंसी लड़की, रोती रही… फिर ऐसे बची जान: इस हादसे में एक लड़की गाड़ी के अंदर ही फंसी रह गई थी। वह अंदर से रो रही थी और बुरी तरह घबराई हुई थी। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों की हिम्मत और आपसी मदद से उसे भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि कुछ सैलानी खाई की तरफ गिर गए थे, लेकिन सौभाग्य से इस हादसे में सभी लोग सुरक्षित हैं।
ऊपर पहुंचे तो आंखों में आंसू, बदन कांपता रहा: जब सभी किसी तरह सड़क तक वापस पहुंचे, तो किसी की आंखों में आंसू थे, कोई डर से कांप रहा था और कोई सदमे में चुपचाप बैठा था। लड़कियां एक-दूसरे के गले लगकर रोने लगीं। यह सिर्फ एक हादसा नहीं था, बल्कि एक ऐसा सदमा था, जो शायद इन्हें जिंदगी भर याद रहेगा। सभी के मन में उस वक्त सिर्फ एक ही बात थी — आज भगवान ने बचा लिया।
जाको राखे साइयां, मार सके न कोई : आज ये सभी लोग मौत के मुंह से बाहर निकल आए हैं, लेकिन इस मंजर को शायद कभी नहीं भूल पाएंगे। वहीं इस पूरे मामले में यह जांच होना जरूरी है कि आखिर गलती कहां हुई। पहाड़ी इलाकों में एक पल की लापरवाही भी जिंदगी को खाई के किनारे ला खड़ा कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ों में गाड़ी पार्क करते वक्त हैंडब्रेक सिर्फ गाड़ी नहीं, बल्कि आपकी जिंदगी थामता है। ड्राइवर अगर गाड़ी से उतरता है, तो हैंडब्रेक और गियर दोबारा चेक करना बेहद जरूरी है।










