हिमाचल में 5,000 से अधिक सहकारी समितियां सक्रिय हैं, जिनमें 2,000 प्राथमिक कृषि ऋण समितियां किसानों व ग्रामीणों को सेवाएं दे रही हैं। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सहकारी समितियों को जमीन खरीदने हेतु धारा-118 में रियायत देने पर विचार होगा। राज्य सहकारी बैंक छोटे किसानों, बागवानों व व्यापारियों को राहत देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लाएगा।
पीटरहॉफ में राष्ट्रीय सहकारी सम्मेलन के समापन पर सीएम ने कहा कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सहकारी संस्थाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है। उन्होंने कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक का बोर्ड भंग करने और सहकारी बैंक में साइबर सिक्योरिटी सेंटर शुरू करने की घोषणा की।
केंद्रीय सहकारिता मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि युवाओं को सहकार टैक्सी योजना से जोड़ा जाएगा और प्राकृतिक खेती से किसान आर्थिक रूप से सशक्त होंगे। उत्तराखंड मंत्री धन सिंह रावत ने बताया कि वहां 10 लाख किसानों को ऋण और 15 लाख लोगों को सहकारिता से जोड़ने का लक्ष्य है।










