अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कोटशेरा इकाई नव कार्यकारिणी का गठन किया गया | जिसमें बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं, परिषद के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया | कार्यकारिणी गठन में विशेष रूप से जिला संगठन मंत्री प्रदीप ठाकुर जी व चुनाव अधिकारी के रूप में जिला संयोजक दिविज ठाकुर जी उपस्थित रहे। प्रदीप ठाकुर ने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा –

“एबीवीपी ही वह संगठन है जहाँ छात्र स्वयं अपने नेतृत्व का चयन करते हैं। यहाँ कार्यकर्ता बनने का अर्थ है – अनुशासन, त्याग और समर्पण की भावना के साथ कार्य करना।”
चुनाव प्रक्रिया के पश्चात घोषित परिणाम में सुशांत जी को सर्वसम्मति से इकाई अध्यक्ष तथा आरुष जी को इकाई सचिव का दायित्व सौंपा गया।
इसके अतिरिक्त कार्यकारिणी में अन्य दायित्वों का भी वितरण किया गया, जिसमें सह-सचिव, कोषाध्यक्ष, सोशल मीडिया प्रभारी, संगठन प्रमुख आदि पदों पर विभिन्न छात्रों को दायित्व सौंपे गए।
इकाई अध्यक्ष सुशांत जी ने कहा –
“मुझे यह दायित्व परिषद ने विश्वास दिखाकर दिया है, वह मेरे लिए गौरव का विषय है। मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि कोटशेरा इकाई के प्रत्येक छात्र तक संगठन की विचारधारा पहुँचे और हम सब मिलकर राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करें।”
इकाई सचिव आरुष जी ने कहा –
“एबीवीपी हमेशा से छात्रों की आवाज रही है। मैं इस दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करूंगा। महाविद्यालय के प्रत्येक छात्र के हितों की रक्षा करना और उन्हें अवसर प्रदान करना ही मेरा संकल्प रहेगा।”
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की स्थापना 1949 में हुई थी और तब से यह संगठन राष्ट्रवादी विचारधारा से प्रेरित होकर शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रहित के लिए कार्य करता आ रहा है। परिषद का ध्येय वाक्य “ज्ञान – शील – एकता” है, जो यह संदेश देता है कि छात्र केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि चरित्रवान बनें और समाज के लिए एकजुट होकर कार्य करें।
कोटशेरा इकाई का इतिहास भी संगठन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस इकाई के कार्यकर्ताओं ने समय-समय पर महाविद्यालय की समस्याओं को उठाने, छात्रों की आवाज़ बुलंद करने और सामाजिक कार्यों में सहयोग देने में अग्रणी भूमिका निभाई है।
जिला संगठन मंत्री प्रदीप ठाकुर जी ने कहा देश का युवा राष्ट्र का भविष्य है। यदि विद्यार्थी सही दिशा में आगे बढ़े तो समाज का हर वर्ग सशक्त हो सकता है। एबीवीपी का उद्देश्य यही है कि छात्र शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में भी योगदान दें।”
चुनाव अधिकारी दिविज ठाकुर जी ने भी नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएँ दीं और कहा कि परिषद का हर कार्यकर्ता अनुशासन, त्याग और निष्ठा का प्रतीक है।
कोटशेरा इकाई में नवीन कार्यकारिणी का गठन केवल महाविद्यालय तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरे जिले में दिखता है। यह कार्यकारिणी आने वाले शैक्षणिक सत्र में न केवल छात्रहित में काम करेगी, बल्कि समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक उत्थान और विभिन्न राष्ट्रीय पर्वों पर सक्रिय भूमिका निभाएगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कोटशेरा इकाई में नवीन कार्यकारिणी का गठन एक नई ऊर्जा और उत्साह का प्रतीक है। इस प्रकार, कोटशेरा इकाई का यह ऐतिहासिक क्षण आने वाले समय में एबीवीपी की गतिविधियों को और अधिक गति प्रदान करेगा और छात्रों में नई चेतना का संचार करेगा।










