हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने विदेश में ऐसा काम कर दिखाया कि सारे रिकॉर्ड टूट गए। बड़े-बड़े राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी पीछे छोड़ते हुए, सुक्खू देश के पहले मुख्यमंत्री बन गए जिन्होंने लंदन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स को संबोधित किया।
सीएम सुक्खू ने वहां ग्लोबल निवेशकों को बतौर कीनोट स्पीकर संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश की संभावनाओं और निवेश योग्य क्षेत्रों की जानकारी दी। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्हें लीडरशिप एंड गवर्नेंस अवार्ड से भी नवाज़ा गया। यह सम्मान उन्हें उनके दूरदर्शी नेतृत्व और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की सोच के लिए प्रदान किया गया।
अपने भाषण में सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश की वास्तविक ताक़त का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सिर्फ़ पहाड़ों और बर्फीली वादियों का प्रदेश नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, पर्यटन, बागवानी, आईटी, स्वास्थ्य और डेटा स्टोरेज जैसे क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। सीएम ने स्पष्ट किया कि यूरोपीय तकनीक और भारतीय आकांक्षाओं के मिलन से इस क्षेत्र में नए मील के पत्थर स्थापित किए जा सकते हैं।
सुक्खू ने हिमाचल के सेब को उदाहरण के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि यह पहले ही दुनिया भर में अपनी पहचान बना चुका है। अब प्रदेश सब्जियों, फूलों और ऑर्गेनिक खेती के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही प्राकृतिक खेती और डेयरी सेक्टर की नई नीतियों ने किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता खोला है।
सीएम सुक्खू ने यूरोपीय निवेशकों को हेल्थ, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स और सस्टेनेबल लिविंग के क्षेत्र में साझेदारी का भी न्योता दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हिमाचल आने वाले निवेशकों को सिर्फ व्यवसायिक अवसर ही नहीं मिलेंगे, बल्कि स्थिरता, भरोसा और साझा मूल्यों पर आधारित टिकाऊ साझेदारी का अनुभव भी होगा।
मुख्यमंत्री ने अपना विज़न भी साझा किया – “व्यवस्था परिवर्तन से आत्मनिर्भर हिमाचल”। उनका कहना है कि यह सिर्फ नारा नहीं बल्कि एक ठोस योजना है, जिसे जनता के सहयोग से धरातल पर उतारा जा रहा है।
विदेश की धरती पर हिमाचल की गूंज सुनाई दी। सीएम सुक्खू की यह उपलब्धि न सिर्फ प्रदेश के लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। अब यह देखने वाली बात होगी कि इस ऐतिहासिक पहल के बाद वैश्विक निवेशक हिमाचल की ओर कैसे रुख करेंगे।










