हिमाचल प्रदेश के सोलन ज़िले के नगर पंचायत अर्की के वार्ड नंबर-06 में रविवार देर रात हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 10 लोगों के जिंदा जलने की आशंका जताई जा रही है। अब तक एक 10 वर्षीय बच्चे का शव बरामद किया गया है, जबकि पांच लोगों के जले हुए अवशेष मिले हैं, जिनकी पहचान नहीं हो पाई है। चार लोग अभी भी लापता हैं।
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प्रशासन के अनुसार, मृतकों में नौ लोग नेपाल मूल के हैं, जबकि एक बच्चा बिहार का रहने वाला बताया जा रहा है। इस हादसे में दो दंपती और उनके पांच बच्चे शामिल हैं, जिससे त्रासदी और भी भयावह हो गई है।
यह हादसा रविवार देर रात करीब 3 बजे हुआ। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि एक पांच मंजिला लकड़ी के भवन की तीसरी मंजिल पर रह रहे नेपाली मूल के परिवार ने रात को अंगीठी जलाकर कमरे के अंदर रख दी, जिससे आग सुलग गई। लकड़ी का भवन होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया।
सूचना मिलते ही सुबह करीब 4:30 बजे फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। अर्की फायर स्टेशन के अलावा बनलगी, बालूगंज (शिमला) और अंबुजा से दमकल वाहन बुलाए गए। करीब 9 घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर 1:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका। लोगों को आग का पता तब चला जब एक के बाद एक गैस सिलेंडर फटने लगे। बताया जा रहा है कि लगातार नौ धमाके हुए, जिसके बाद आग पास के पांच अन्य भवनों तक फैल गई।
फिलहाल एनडीआरएफ, पुलिस, प्रशासन, जेसीबी मशीनों और डॉग स्क्वॉड की मदद से
मलबा हटाकर लापता लोगों की तलाश की जा रही है।
मंगलवार सुबह भी तीन और जले हुए अवशेष बरामद किए गए हैं।
भवन में रह रहे नौ नेपाली परिवारों में से सात को सुरक्षित निकाल लिया गया,
जबकि दो परिवार आग की चपेट में आ गए।
प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को फौरी राहत के तौर पर 25-25 हजार रुपये प्रदान किए हैं।










