पहाड़ों में एक बार फिर प्रकृति के कहर की भयावह तस्वीरें सामने आई हैं। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में बादल फटने की घटना के बाद खीरगंगा नदी में अचानक भयंकर बाढ़ आ गई, जिसने पूरे गांव को हिला कर रख दिया।
इस प्राकृतिक आपदा ने ना केवल इंसानी ज़िंदगियों को खतरे में डाला, बल्कि बाजार, मंदिर और मूलभूत ढांचे को भी तबाह कर दिया। बादल फटने से धराली गांव की खीरगंगा नदी अचानक उफान पर आ गई, जिससे दर्जनों घर बह गए। धराली बाजार क्षेत्र में दुकानों, गाड़ियों और लोगों की आजीविका के साधनों को भारी नुकसान हुआ है। तस्वीरों में आप तबाही देख सकते हैं… बाढ़ इतनी तेज थी कि लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही पानी उनके घरों और दुकानों में घुस चुका था।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें तबाही की भयावहता साफ देखी जा सकती है। गांव के मुखबा क्षेत्र से लोगों ने इस तबाही के कई वीडियो शेयर किए हैं, जिनमें तेज बहाव के साथ मलबा, बड़े-बड़े पत्थर और लहरों में बहते मकान साफ नजर आ रहे हैं।इस बाढ़ में धराली का प्रसिद्ध कल्पकेदार मंदिर भी इसकी चपेट में आ गया है। मंदिर परिसर को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय आस्था को भी गहरा झटका लगा है।घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, आर्मी हर्षिल, एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके के लिए रवाना हो गई हैं। राज्य सरकार ने एयरफोर्स से मदद मांगते हुए दो MI हेलीकॉप्टर और एक चिनुक हेली कॉप्टर की मांग की है ताकि राहत एवं बचाव कार्य को तेज़ी से अंजाम दिया जा सके।
अब तक की स्थिति अब तक 24 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। कई लोगों के मलबे में दबे होने की आधिकारिक सूचना मिली है।दर्जनों घर पूरी तरह बह चुके हैं, कई लोग लापता हैं।
धरा ली बाजार क्षेत्र में वाहनों, दुकानों और सड़क संरचना को गंभीर नुकसान हुआ है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना को “अत्यंत दुखद और पीड़ादायक” बताया है. उत्तरकाशी के धराली गांव में आज बादल फटने की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पहाड़ी राज्यों में मौसम कितनी जल्दी और कितनी भयावह रूप ले सकता है। जान-माल का कितना नुकसान हुआ है, यह आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है लेकिन तबाही की तस्वीरें सब कुछ बयां कर रही हैं। प्रशासन अलर्ट मोड पर है, और पूरे राज्य की निगाहें इस वक्त धराली की ओर टिकी हैं।










