29 श्रेणियों के पात्र नागरिकों को मुफ्त और रियायती यात्रा की सुविधा, दूर-दराज गांवों में घर-घर बन रहे हिम बस कार्ड
नाहन, 10 जुलाई:
हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को सुरक्षित, सुलभ और किफायती सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है। इसी कड़ी में हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की “हिम बस कार्ड” योजना जिला सिरमौर में हजारों लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रही है। इस योजना के तहत पात्र नागरिकों को निःशुल्क अथवा रियायती दरों पर बस यात्रा की सुविधा प्रदान की जा रही है।
29 श्रेणियों के लोगों को मिल रहा लाभ
जिला सिरमौर में एचआरटीसी द्वारा 29 विभिन्न श्रेणियों के पात्र लाभार्थियों को हिम बस कार्ड योजना का लाभ दिया जा रहा है। इनमें सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थी, महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं, राज्य एवं केंद्र सरकार के कर्मचारी, निगम एवं बोर्ड कर्मचारी, स्वतंत्रता सेनानी और उनकी पत्नियां, मान्यता प्राप्त प्रेस संवाददाता, शौर्य पुरस्कार विजेता सैनिक, युद्ध विधवाएं, दिव्यांगजन, कैंसर, डायलिसिस, किडनी, थैलेसीमिया एवं मल्टी फ्रैक्चर के मरीज, राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षक सहित कई अन्य श्रेणियां शामिल हैं।
विद्यार्थियों को मिल रही विशेष रियायत
योजना के तहत विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश के भीतर एचआरटीसी की साधारण बसों में खेलकूद, सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए यात्रा किराये में 50 प्रतिशत तक की रियायत दी जाती है। वहीं पहली से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों सहित कई पात्र श्रेणियों को पूरी तरह निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
विद्यार्थियों को मिली बड़ी राहत
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नाहन के प्रशिक्षु अजय ठाकुर, दिनेश और हिमांशु पुंडिर ने बताया कि हिम बस पास बनने के बाद उन्हें पूरे महीने की यात्रा केवल 10 एकल किराये के बराबर खर्च में हो रही है, जिससे आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है।
देवका गांव की निवासी रिया चौहान ने बताया कि पहले उन्हें प्रतिमाह लगभग 1,380 रुपये बस किराया देना पड़ता था, लेकिन अब हिम बस पास के माध्यम से उनका मासिक खर्च घटकर 230 रुपये रह गया है।
इसी तरह ड्राफ्ट्समैन का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहीं शिवानी और वंशिका ने बताया कि जहां पहले उन्हें हर महीने लगभग 4,500 रुपये यात्रा पर खर्च करने पड़ते थे, वहीं अब यह खर्च घटकर मात्र 670 रुपये रह गया है। पांवटा साहिब क्षेत्र की अंजली, मीनाक्षी और समीक्षा ने भी योजना से मिलने वाली राहत के लिए सरकार का आभार जताया।
घर-घर बन रहे हिम बस कार्ड
एचआरटीसी ने जिला सिरमौर में अधिक से अधिक पात्र लोगों तक योजना का लाभ पहुंचाने के लिए विशेष टीम गठित की है। यह टीम दूर-दराज और दुर्गम क्षेत्रों में जाकर लोगों के घर-द्वार पर ही हिम बस कार्ड तैयार कर रही है, जिससे लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।
वर्ष 2026 में जारी हुए 11,855 हिम बस कार्ड
एचआरटीसी के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक जिला सिरमौर में 11,855 हिम बस कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इनमें नाहन इकाई द्वारा 10,119 और पांवटा साहिब इकाई द्वारा 1,736 बस पास बनाए गए हैं।
नाहन इकाई के आंकड़ों के अनुसार अब तक:
- 30 दृष्टिबाधित व्यक्तियों,
- 883 (40 प्रतिशत दिव्यांगता वाले) दिव्यांगजनों,
- 293 (70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले) दिव्यांगजनों,
- 5,332 महिलाओं,
- 1,909 सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों,
- तथा 991 सरकारी महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को हिम बस पास जारी किए जा चुके हैं।
मात्र 236 रुपये में एक वर्ष के लिए बस पास
हिम बस कार्ड एक वर्ष की अवधि के लिए जारी किया जाता है, जिसके लिए 236 रुपये का न्यूनतम शुल्क निर्धारित किया गया है। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति एचआरटीसी जिला सिरमौर के डिप्टी डिवीजनल मैनेजर (डीडीएम) कार्यालय अथवा 94180-00551 पर संपर्क कर सकते हैं।
जनकल्याण की दिशा में अहम कदम
एचआरटीसी का विशेष अभियान पात्र नागरिकों तक योजना का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों में घर-द्वार पर हिम बस कार्ड उपलब्ध कराने की सुविधा लोगों का समय और धन दोनों बचा रही है। यह योजना महिलाओं, विद्यार्थियों, दिव्यांगजनों और अन्य पात्र वर्गों के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ, सुरक्षित और किफायती बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है।










