ये तस्वीर देखी आपने? जो आपकी स्क्रीन पर दिखाई दे रही है — ये किसी चमत्कार से कम नहीं लगती।
एक मकान, पहाड़ से अटका हुआ, बिल्कुल खाई के मुहाने पर लटक रहा है। नीचे गहरी खाई, चारों ओर तबाही, और बीच में अकेला खड़ा एक घर — जैसे कुदरत ने उसे बचा तो लिया, लेकिन चैन से जीने की इजाज़त नहीं दी।
ये घटना हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की है, जहां इस मानसून सीज़न में 15 से ज्यादा जगहों पर बादल फटे हैं। धरमपुर के स्याठि गांव में आई इस तस्वीर ने सबको झकझोर दिया है। पूरा गांव तबाह हो गया — ज़मीन धंस गई, चट्टानें गिर पड़ीं, रास्ते मिट गए। लेकिन ये एक मकान अब भी खड़ा है, जैसे पहाड़ से चिपक कर खुद को बचाने की आखिरी कोशिश में हो।
लेकिन जितना बड़ा ये चमत्कार है, उतनी ही बड़ी ये मजबूरी भी है। घर बच गया है, सामान भी सुरक्षित है, लेकिन उस घर में रहने वाले अब वहां जा नहीं सकते। उनका घर होते हुए भी वो बेघर हैं — क्योंकि अब वो मकान पूरी तरह अनसेफ घोषित हो चुका है।
इस तस्वीर को देखकर समझ नहीं आता कि इसे देख कर राहत की सांस ली जाए, या फिर आंखें नम कर ली जाएं।
ये सिर्फ एक तस्वीर नहीं — ये इंसान और प्रकृति की लड़ाई की एक खामोश चीख है










