हिमाचल पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की रहस्यमयी मौत के मामले में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया है।
मंगलवार शाम को सचिवालय में लगभग पौने तीन घंटे चली उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीन शीर्ष अधिकारियों को लंबी छुट्टी पर भेजने का फैसला किया। इनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा, पुलिस महानिदेशक अतुल वर्मा और शिमला के पुलिस अधीक्षक संजीव गांधी शामिल हैं।
डीजीपी अतुल वर्मा, जो चार दिन बाद रिटायर होने वाले थे, उन्हें तत्काल प्रभाव से छुट्टी पर भेज दिया गया है। उनकी जगह अशोक तिवारी को डीजीपी का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। वहीं, एसपी सोलन गौरव सिंह को एसपी शिमला का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा से सभी विभाग वापस लेकर केके पंत को गृह और राजस्व विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। जल शक्ति विभाग संदीप कदम और ट्राइबल डेवलपमेंट राखिल काहलों को दिया गया है।
हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है, और अब सीबीआई ने दिल्ली में एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई की टीम हिमाचल पहुंच चुकी है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा है कि सरकार सीबीआई जांच का स्वागत करती है और जांच में पूरा सहयोग देगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिकारियों की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।










