Home हिमाचल प्रदेश 2030 तक प्लास्टिक न्यूट्रल बनने की दिशा में हिमाचल का बड़ा कदम,...

2030 तक प्लास्टिक न्यूट्रल बनने की दिशा में हिमाचल का बड़ा कदम, सीएम सुक्खू ने शुरू किया विशेष अभियान

447
0
Him Runner

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल करते हुए राज्य को वर्ष 2030 तक प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसी के तहत मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ‘प्लास्टिक न्यूट्रल हिमाचल-2030’ जागरूकता अभियान की औपचारिक शुरुआत की।

साइकिल रैली से दी प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता की शुरुआत

Jeevan Ayurveda Clinic

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास ‘ओक ओवर’ से एक विशेष साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली प्रदेश में प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
इसके बाद शिमला के पीटरहॉफ में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने वाले व्यक्तियों, संगठनों और समूहों को ‘प्रदेश एनवायरमेंटल लीडरशिप अवार्ड-2025’ से सम्मानित किया गया।

सिंगल यूज प्लास्टिक पर कार्रवाई के लिए ऐप लॉन्च

मुख्यमंत्री ने समारोह के दौरान एक विशेष मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया, जिसकी मदद से राज्य में सिंगल यूज प्लास्टिक के उल्लंघन की निगरानी की जा सकेगी। यह ऐप संबंधित अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों या संस्थानों पर जुर्माना लगाने की सुविधा देगा।
सरकार ने एक जून से प्रदेश में सिंगल यूज प्लास्टिक की बोतलों पर औपचारिक रूप से प्रतिबंध लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आदेशों का पालन न करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पर्यावरण संरक्षण में जनभागीदारी को मिलेगा बढ़ावा

मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि राज्य में ग्रीन ज़ोन की संख्या बढ़ाई जा रही है और महिला मंडलों व युवा संगठनों की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में वृक्षारोपण अभियान को गति दी जा रही है। इसके अलावा सरकार हरित ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों को भी सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रही है।
एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्लास्टिक बोतलों के विकल्प को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रदेश के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 6 लाख स्टील की बोतलें वितरित करेगी।

हिमाचल बनेगा प्लास्टिक मुक्त मॉडल राज्य

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए जनसहयोग बेहद जरूरी है। प्रदेश सरकार के यह प्रयास आने वाले समय में हिमाचल को एक हरित, स्वच्छ और प्लास्टिक न्यूट्रल मॉडल राज्य के रूप में स्थापित कर सकते हैं

Jeevan Ayurveda Clinic

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here