न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायमूर्ति रंजन शर्मा की खंडपीठ ने यह स्पष्ट किया कि संजीव गांधी और एसआईटी के अन्य सदस्यों की व्यक्तिगत और पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान न पहुंचे, इसलिए इस पहलू पर दलील ( अपील )को स्वीकार किया गया है।
हालांकि, पीठ ने यह भी कहा कि वह मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के निर्णय के मुख्य बिंदु में कोई दखल नहीं देगी, क्योंकि इससे निष्पक्ष और प्रभावी जांच सुनिश्चित होगी। इस मामले में आगामी जांच सीबीआई ही करेगी. इस मामले में आगामी 14 जुलाई को सुनवाई रखी गई है .
विओ- सनी के बाद एसपी संजीव गांधी के वकील संजीव भूषण ने बताया कि कोर्ट द्वारा सपा की दायर की गई एनपीए को एक्सेप्ट किया गया है. उन्होंने बताया कि यह सारा मामला एसपी द्वारा प्रोफेशनल वर्क और इंटीग्रिटी को लेकर उठाया गया है जिसमें अपील की गई है कि कोर्ट द्वारा सीबीआई को मामला दिए जाने के फैसले के दौरान कुछ ऐसे वक्तव्य रखे गए थे जिससे एसपी संजीव गांधी और उनकी सीट के सदस्यों की व्यक्तिगत और पेशेवर प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए हाईकोर्ट में एसपी गांधी की अपील को एक्सेप्ट किया है और अगली सुनवाई रखी गई है










