हिमाचल प्रदेश में हिम केयर कार्ड अब साल में सिर्फ चार महीने ही बन सकेंगे. शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज जल्द ही इन नियमों को लागू करने जा रहा है. IGMC के MS डॉ. राहुल राव ने बताया कि अस्पताल में आयुष्मान कार्ड के साथ हिम केयर कार्ड के लाभार्थियों को सीधा फ़ायदा पहुंचाया जा रहा है. हालांकि योजना के लिए सही वक़्त पर धन राशि न मिलने की वजह से परेशानी झेलनी पड़ रही है. अक्टूबर 2024 के बाद से लेकर IGMC को आयुष्मान योजना के तहत करीब 30 करोड़ रुपए की धनराशि नहीं मिली है. इसी तरह हिम केयर पेंडेंसी भी क़रीब 55 करोड़ रुपए है.
IGMC के MS डॉ. राहुल राव ने बताया कि कुछ मरीज़ ऐसे भी हैं, जो दोनों योजनाओं के कार्ड लेकर अस्पताल आते हैं. यह नियमों के विपरीत है. ऐसे में अंडरटेकिंग के बाद ही मरीज़ों को इसका फ़ायदा दिया जा रहा है. साल 2024 में हिम केयर योजना के तहत 40 हज़ार मरीज़ों को 97 करोड़ रुपए का फ़ायदा दिया गया. इसी तरह आयुष्मान योजना के तहत 11 हजार 900 मरीज़ों को 30 करोड़ रुपया का लाभ पहुंचाया गया है. उन्होंने बताया कि कैंसर मरीजों के लिए भी पैट स्कैन मशीन 15 अगस्त से पहले उपलब्ध हो जाएगी.










