जम्मू-कश्मीर के कटरा में माता वैष्णो देवी धाम के पास मंगलवार को अर्धकुमारी क्षेत्र में हुए भीषण लैंडस्लाइड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। एसएसपी रियासी परमवीर सिंह ने बुधवार सुबह यह जानकारी दी। मंगलवार देर रात तक 7 लोगों की मौत की खबर थी, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान और शव बरामद होने से मृतकों का आंकड़ा बढ़ गया। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या में और इजाफा हो सकता है।
भारी बारिश ने मचाई तबाही
मंगलवार को जम्मू शहर में 24 घंटे से भी कम समय में 250 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। घरों और खेतों में पानी भर गया, वहीं लैंडस्लाइड की वजह से कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। खराब मौसम के कारण माता वैष्णो देवी की यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी टीमें
जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और भारतीय सेना की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। अब तक 3500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है, लेकिन खराब मौसम और बारिश ने राहत कार्यों में चुनौतियां खड़ी की हैं।
रेल सेवाएं भी प्रभावित
भारी बारिश और लैंडस्लाइड का असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा है। नॉर्दर्न रेलवे ने जम्मू-कटरा रूट पर चलने वाली और वहां रुकने वाली 22 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। इनमें 9 ट्रेनें कटरा से चलने वाली थीं और एक जम्मू से। बाकी ट्रेनें कटरा, जम्मू और उधमपुर पहुंचने वाली थीं। इसके अलावा, 27 ट्रेनों को फिरोजपुर, मांडा, चक रक्खवालां और पठानकोट में शॉर्ट-टर्मिनेट किया गया है।
पठानकोट-कांगड़ा रेल ट्रैक भी प्रभावित हुआ है, जहां चक्की नदी में बाढ़ के कारण पठानकोट-कंदरोरी (हिमाचल प्रदेश) के बीच रेल सेवा ठप कर दी गई है। हालांकि, कटरा से श्रीनगर के बीच रेल सेवा सामान्य रूप से चल रही है।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों से प्रभावित इलाकों में सावधानी बरतने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों में और बारिश की चेतावनी दी है, जिसके चलते सभी एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।










