मंडी में एक बार फिर कुदरत ने कहर बरपाया है… बादल फटने की घटनाओं ने कई घर तबाह कर दिए, कई जिंदगियां मलबे में दब गईं… और एक बार फिर मंडी की आंखें नम हैं।
लेकिन इस तबाही के बीच एक चेहरा ऐसा भी है जो हर मलबे, हर चीख, हर दर्द के बीच खड़ा दिखाई दिया…
मंडी का बेटा… मंडी का नेता… और आज फिर एक सहारा बनकर लौटे जय राम ठाकुर।
फोटो देखें — जहां एक बुज़ुर्ग मां को गले लगाते हुए उनके आंसू पोंछ रहे हैं…
कहीं एक छोटे बच्चे के सिर पर हाथ रखकर उसे ढांढस बंधा रहे हैं…
किसी परिवार के बिखरे घर के बाहर खड़े होकर उनकी बातें सुन रहे हैं…
ये सिर्फ तस्वीरें नहीं… ये मंडी के लोगों के लिए उम्मीद की झलक हैं।
बिना किसी शोर, बिना किसी दिखावे के… जयराम ठाकुर लगातार लोगों के बीच हैं।
चाहे पहले की आपदा रही हो या आज की… वो हर बार पहुंचे, हर बार सुना, हर बार साथ खड़े रहे।
दिल्ली से प्रधानमंत्री से मिलकर मंडी के लिए राहत पैकेज की मांग की — और लौटते ही फिर उसी मलबे में उतर गए, जहां उनके अपने लोग चीख रहे थे।
क्योंकि उनके लिए राजनीति कुर्सी की नहीं, जिम्मेदारी की पहचान है।










