हिमाचल प्रदेश में आज जो कुछ भी हो रहा है उसके लिए जिम्मेदार हम लोग ही हैं….. देखिए इन पहाड़ों को कैसे टूट रहे हैं ये…….. और टूटते वक्त भी यही चेतावनी दे रहे हैं कि अभी भी संभल जाओ ….
विकास के नाम पर प्रकृति के साथ छेड़छाड़ ना करो ……वरना अंजाम हम सभी के सामने है…….. वो डायलॉग तो आपने भी सुना होगा कि ये तो ट्रेलर है, पिक्चर अभी बाकी है… और यकीन मानिए अगर हम अब भी नहीं संभले तो आगे न जाने क्या क्या और देखना होगा….. स्क्रीन पर दिखाई दे रही ये तस्वीरें जिला कुल्लू की है… सैंज घाटी के रैला की…. काला छौ पहाड़ियों का ये भयानक नजारा है … जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देगा…. पिछले कुछ घंटों से यहां लगातार पहाड़ टूट रहे हैं और आसपास के लोगों को डरा रहे हैं…….. स्थानीय लोगों के अनुसार इस पहाड़ी के ठीक नीचे पार्वती जल विद्युत परियोजना की टनल बनी हुई है और जब ये टनल बनी थी तो विकास के नाम पर पहाड़ों के सीने में बारूद भरकर ब्लास्ट किए…. टनल तो बन गई .. बिजली भी आ गई … लेकिन क्या किसी ने सोचा कि इन ब्लास्टिंग ने पहाड़ों में दरारें छोड़ दीं? दरारें… जो अब धीरे-धीरे चौड़ी हो रही हैं… और हर बरसात में मौत का साया बनकर गांववालों के सिर पर मंडरा रही है। कितना सही है न हम इंसानों का पानी चाहिए तो नदी रोक दो, बिजली चाहिए तो पहाड़ तोड़ दो, सड़क चाहिए तो जंगल उखाड़ दो… और फिर हैरानी जताओ कि बाढ़ क्यों आई, पहाड़ क्यों टूटा, गांव क्यों उजड़े।अगर यही हाल रहा… और हम इसी तरह प्रकृति से छेड़छाड़ करते रहे… तो वो दिन दूर नहीं जब हिमाचल सिर्फ पुराने फोटो एलबम में दिखेगा… और लोग कहेंगे— “यहां कभी पहाड़ हुआ करते थे। सोचिए न आप भी क्या करेंगे उस विकास का अगर उसकी कीमत ये विनाश हो…… जब जब कुदरत के कहर की तस्वीरें हम देखते हैं .. हाल की बात लेलो मंडी में कितना विनाश हुआ … उत्तराखंड के धराली गांव का नामोनिशान मिट गया … और भी न जाने कहां कहां की तस्वीरों ने आप सभी को रुला दिया होगा……लेकिन उसका असर कब तक हुआ …सच बताइएगा … कुछ देर के लिए या कुछ दिनों के लिए …..या जैसे ही बरसात खत्म हो जाएगी सब कुछ भूल जाएंगे आप……. और फिर सरकार से विकास के नाम पर फिर कोई न कोई मांग करने लग जाएंगे .,..,. और सरकार भी बिना पर्यारण के संतुलन का सोचकर विकास करने लगेगी …….. अगर हमारी बात आपको गलत लगे तो लगे लेकिन आप भी जानते हैं कि ये सच्चाई है वो कड़वी सच्चाई जो हमारे हिमाचल को भारत के नक्शे से एक दिन मिटा देगी……… सरकार को चाहिए की हिमाचल की जनता की सुरक्षा को देखते हुए सर्वे किया जाए…. पर्यावरण विशेषज्ञयों से बैठकें की जाए ….. प्लानिंग बनाई जाए ….. और हर निर्माण कार्य सही तरीके से …खासकर पर्यावरण को जितना कम हो सके उतना नुकसान हो .. इस बात का ध्यान रखा जाए…… वरना पहाड़ टूटते रहेंगे और हम तालियां बजाते रहेंगे विकास के नाम की जो विकास हमारा ही सर्वनाश कर देगा एक दिन ….. खैर आप अपनी राय जरूर दिजिएगा……










